भाजपा के 365 ‘अच्छे दिन’

‘अच्छे दिन आएंगे’ नारे के आधार पर पूर्ण बहुमत के साथ सत्ता में आई भाजपा सरकार के कार्यों का लेखा-जोखा हर विदवान कर रहा है। जहां कुछ सरकार की नीतियों मे देश का भविष्य देख रहे हैं तो कुछ लोगों को ये नीतियां सिर्फ दूर के ढोल लग रही हैं। ये सरकार कोई आम सरकार नही है। ये करोड़ों लोगों के आशा की सरकार है, सपनों की सरकार है। हर तरफ बस यही आलम था कि इस सरकार के सत्ता में आते ही देश के मुखिया नरेन्द्र मोदी सब ठीक कर देंगे।

रोजगार, भ्रष्टाचार, काला धन, महंगाई, गरीबी आदि समस्याओं को खत्म करने के वादें सरकार ने कितने निभाए हैं और कितनी फैल हुई है? सपनों से निकलकर अगर यथार्थ की बात करें तो सरकार ने इन सब समस्याओं के निपटने के लिए कदम जरूर उठाए हैं। रोजगार के लिए प्रधानमंत्री की विदेशयात्रा के दौरान बार-बार विदेशी निवेश को न्यौता, प्रवासियों को आव्हान, उद्योगों को बढ़ावा और लघु उद्योगों पर जोर देना और उनके क्रियान्वान के लिए नीतियों का सरीलीकरण इस दिशा में उठाए प्रमुख कदम हैं।

इस एक साल के कार्यकाल के दौरान भाजपा सरकार भ्रष्टाचार से अछूती रही है। कई सारी योजनाओं में लगने वाला पैसा और हितग्राहियों के मिलने वाला पैसा ऑनलाइन ट्रांजेक्शन के माध्यम से सीधे मिल रहा है। काला धन देश में वापिस लाने के लिए सरकार की सबसे पहल एसआईटी का गठन है। अन्य देशों के साथ द्विपक्षीय वार्ता से भी इस समस्या का हल निकाले जाने की कोशिश की जा रही है।

वर्तमान सरकार मुद्रा स्फीती दर को 4.5 अंक के साथ संतुलित करने में कामयाब दिख रही है। जिसकी एक खास वजह विदेशी बाजार में कच्चे तेल की कीमत का गिरना भी माना जा रहा है। वहीं देश में बन रहे साकरात्मक माहौल की वजह से आईएमएफ ने देश की जीडीपी वर्तमान वर्ष में चाइना से आगे जाने की संभावना व्यक्त की है, यह स्थिति गरीबी उन्मूलन के लिए कारगार साबित होगी।

वहीं देश को विकास की पटरी पर लाने के लिए सरकार को कई रास्ते तय करने होंगे। विदेश नीति पर धार फेरते वक्त सरकार को आंतरिक नीति को भी मजबूत करना होगा। और यह तब बहुत जरूरी हो जाता है तब भाजपा की सहयोगी पार्टी ही उसकी नीतियों का विरोध करती रही है। ‘सबका साथ सबका विकास’ के नारे के साथ चल रही भाजपा कई निर्णयों पर अकेले खड़े नजर आती है। मेक इन इंडिया का सपना नक्सलवाद और आतंकवाद का सफाया किए बिना साकार नहीं हो सकेगा। किसानों के नजरिए से भी सरकार कठघरे में खड़ी नजर आती है।

देश को मोदी जी से काफी उम्मीदें हैं। गुजरे साल के दौरान कई सारी योजनाओं ने मूर्त रूप लिया, कई बिल प्रस्तुत किए गए, जिन पर तीखी बहस के दौरान अध्यादेश लाए गए। बिल को गरीब विरोधी बताया गया। सरकार को पूंजीपतियों को हितैषी बताया गया। सरकार को ये छवि सुधारकर आमजन और किसानों के मन में विश्वास जगाना होगा।

Advertisements

Leave a Reply

Fill in your details below or click an icon to log in:

WordPress.com Logo

You are commenting using your WordPress.com account. Log Out /  Change )

Google photo

You are commenting using your Google account. Log Out /  Change )

Twitter picture

You are commenting using your Twitter account. Log Out /  Change )

Facebook photo

You are commenting using your Facebook account. Log Out /  Change )

Connecting to %s