दुख आपको ऊपर वाले के नज़दीक लाता है लेकिन दुनिया से…

दिल धड़कने दो, क्यों रोकते हो धड़कने से, क्या आवाज करता है। कोई सुनता भी है इस दिल की आवाज। अजीब कश्मकश है न। कि हम दिल धड़कने भी नहीं देते और चाहते हैं कि कोई हमारी दिल की धड़कनों को सुने भी। दिल के मामले में हमेशा ऐसी उलझनें रहती हैं। दिमाग कभी उसका साथ कभी नहीं देता। कोई नहीं चाहता कि कोई उनकी कमजोरियां देखें फिर मजाक बनाए। दिल टूटता है। फिर जुड़ने में भी वक्त तो लगता है। बात चाहे कितनी भी छोटी या बड़ी क्यों न हो दिल के मामले में उनका वज़न एक जैसा हो जाता है।

हमनें सभी को झगड़ते देखा है। दुश्मनों को दोस्तों को, अजनबियों को किसी का रिश्ता होता है किसी का नहीं। लेकिन झगड़ा सभी का होता है। कभी-कभी तो झगड़ा इतना बड़ जाता है कि हमारा दिल उसके दिल की धड़कनें बंद करके ही मानता है।

दरअसल सारे फसाद की जड़ एक ही चीज है और वो है दुख। यकीन मानिए दुख ही परम सत्य है। सुख से ज्यादा हमें दुख एक-दूसरे के ज्यादा नज़दीक लाता है। आपस की लड़ाई हमारी अपनी नहीं होती। ये तो सुख और दुख की लड़ाई है। लोग तो बस निमित्त मात्र हैं। लोग तो बस साधन हैं।

दिल जब दुख से भर जाता है। खुशियां रास नहीं आतीं। ऐसे में अगर कोई हमें खुश करने की भी कोशिश करता है तो उस पर भी गुस्सा आता है। फिर उस व्यक्ति को सिवाए दुख के कुछ और दिखता ही नहीं है। वो सोचता है कि उसके जन्म लेने का मकसद सिर्फ खुशी तलाशना बचा है क्या।

वह खुश लोगों से ईर्ष्या करने लगता है। वो एक संदेश देना चाहता है कि ये खुशी सिर्फ चार दिन की है। ज्यादा इतराओ न। लेकिन सुखी लोग उसे पागल समझते हैं। दुख के भी कईं प्रकार होते हैं। इसके लिए आप गूगल कर सकते हैं। किसी को धर्म का दुख तो किसी को कर्म का दुख।

कर्म का दुख तो चलो मनुष्य को हताश करता है। लेकिन किसी के मन में अगर धर्म के लिए दुख हो तो वो दुनिया के लिए खतरा बन जाता है। एक खास मज़हब से प्ररित आतंकवादी हमेशा शांत रहता है। दुनिया से कटा-कटा। समाज में वो अपना स्थान कहीं नहीं पाता।

उसके दिल में बस एक ही बात चल रही होती है कि ये सब छलावा है। कहीं कोई सुख नहीं सिवाए उसकी इबादत के। ईंसान ऊपरवाले से तभी जुड़ता है जब वो दुखी होता है। उसे लगता है कि एक बड़ी ताकत है जो उसे तमाम दुखों से एक दिन निजात दिला देगी। उस एक दिन के लिए वो ताउम्र इंतेजार भी कर सकता है।

वो अपने दिल की धड़कनों खुद में ही समेट लेता है। वो नहीं चाहता कि कोई उसकी धड़कनों को सुनकर उसे उसके मकसद से दूर कर दे और उसकी आने वाली खुशी छीन ले।

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