रिश्ते ख़ामोश हो रहे हैं…

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प्यार में पड़ने के बाद जीवन में एक ऐसा पढ़ाव जरूर आता है जब हम अपने पार्टनर के साथ ख़ामोश-ख़माेश रहने लगते हैं। ऐसा नहीं है कि हमें उससे प्यार नहीं होता लेकिन कभी-कभी उस प्यार की वज़ह से ही हम उससे किसी भी तरह की बहस नहीं करना चाहते अगर बहस करेंगे तो लड़ाई भी हो सकती है और लड़ाई के बाद उसे खो देने का डर हमें कुछ कहने से हमेशा रोकता रहता है।

आपके साथ भी अगर ऐसा होता है या हुआ है और अगर अभी तक नहीं हुआ तो आगे जरूर होगा। ये प्यार का ही एक पढ़ाव है जहां से हर इंसान गुजरता है। ये ख़ामोशी किसी रिश्ते को जीते जी मार देती है। हमें लगता है कि हम बात न करके या किसी बात को इग्नोर करके ठीक कर रहे हैं लेकिन दरअसल ऐसा होता नहीं है। हम धीरे-धीरे अपने प्यार भरे रिश्ते की कब्र खुद ही खोद रहे होते हैं।

हालाकि ऐसा एक दम नहीं होता कि हम बात करना बंद कर देते हैं। लेकिन धीरे-धीरे जब ये एहसास होने लगता है कि सामने वाला हमारी शिकायतों ज़ज्बातों को तवज्जो नहीं दे रहा होता है तो दिल को ठेस लगती है और बाद में यही ठेस हमें या तो बहुत मजबूत कर देती है या बहुत कमजोर।

किसी रिश्ते में ये कई बार सुनते हैं कि अब तुम मुझे प्यार नहीं करते। वास्तव में जब किसी रिश्ते में ये शब्द बार-बार गूंजने लगे तो समझ जाना चाहिए कि हम अपने साथी को समझ नहीं पा रहे हैं। वो क्या कहना चाहता है? उसके मन में क्या चल रहा है? क्या हम जाने-अंजाने में अपने साथी को ठेस पहुंचा रहे हैं? कुछ इस तरह के सवाल हमें खुद से जरूर करना चाहिए।

हम जब इन सवालों के जवाब न ढूंढ पाए तो अपने साथी से जरूर बात करनी चाहिए। ऐसा भी हो सकता है कि वो एक-दो बार में ना बताए और लड़कियों के मामले में ऐसा जरूर होता है कि वो आसानी से अपने मन का हाल नहीं बताती। आपके लिए घंटो रोती रहेंगी, अंदर से बहुत कमजोर हो जाएंगी लेकिन आपको भनक तक नहीं लगेगी।

जब रिश्ते में ख़ोमोशी दस्तक देती है तो कुछ भी ठीक नहीं लगता। हम किसी के साथ होते हुए भी उसके साथ नहीं होते एकदम कोमा जैसी कंडीशन हो जाती है कि हो तो सब रहा है पर हम कुछ नहीं कर रहे सब अपने-आप हो रहा है। ये कंडीशन बहुत खराब है, बहुत ज्यादा खराब है।

लड़के अक्सर ऐसा करते हैं कि किसी लड़की को अपना साथी बनाने के लिए शुरुआत में बहुत जतन करते हैं और जो एक बार लड़की हां बोल देती है तो फिर उनके जतन धीरे-धीरे कम या कई बार खत्म हो जाते हैं। फिर वो उस लड़की को स्पेशल फील करवाना बंद कर देते हैं।

तो दोस्तों ऐसा मत करो मेरी बस यही सलाह है कि किसी को अगर अपना मान रहे हैं तो दिल से उसे अपना मानो। अगर किसी को खास मानते हो तो उसे वहीं तवज्जो दो जो पहले देते थे। किसी रिश्ते को जीते जी मत मर जाने दो। और सबसे खास बात बस अपने साथी से बातें करते रहो चाहे रिश्ता कितना भी पुराना क्यूं न हो गया हो।

यकीन मानो अगर आपका साथी आपकी बातों से ऊब कर किसी और के पास जाता भी है तो वो आपको भुला नहीं पाएगा। उसे आपकी बकवास हमेशा याद आती रहेगी और वो दिल ही दिल में यही दुआ करेगा कि काश आपका साथ उसे फिर से मिल जाए…