उसे मुझसे प्यार है कि नहीं?

हम सभी कभी न कभी प्यार में पड़ते हैं और अगर अब तक नहीं पड़े तो हो सकता है कि वो दिन जल्द आए। मुद्दा ये नहीं है कि हमें प्यार हुआ या नहीं। बात ये है कि अगर हमें किसी से प्यार हुआ और सामने वाले को भी हमसे मोहब्बत हो गई। लेकिन किसी भी वजह या मजबूरी के चलते दोनों साथ नहीं हैं।

दो लोग जब प्यार में होते हैं तो दोनों की उम्मीदें एक-दूसरे से लगभग एक जैसी ही हो जाती हैं। और ये सही भी है। अब अगर आप अपने प्यार से उम्मीद नहीं रखेंगे तो भला किससे रखेंगे। अगर आप खुद से कोई उम्मीद रखते हैं तो जिससे आप प्यार करते हैं वो आपसे अलग कैसे हो जाएगा?

दो लोगों के बीच प्यार हुआ लेकिन वे शादी नहीं कर सके। अब अलग-अलग हैं। दोनों को एक-दूसरे की कोई ख़बर नहीं है। दोनों सुकून से तो नहीं लेकिन जी रहे हैं। कभी वे न अलग होने की कसम खाया करते थे। एक दिन अगर न मिले तो परेशान हो जाया करते थे। अब ऐसा क्या हुआ कि दोनों अलग रह कर अपने-अपने काम किए जा रहे हैं?

सवाल बहुत सारे मन में आते हैं लेकिन जवाब बस एक ही ज़हन में आता है कि भले ही हम साथ न हो लेकिन उसने मुझसे प्यार किया था। जब हम साथ थे तो बस पूरे होते थे। वो लगाव, वो जज्बात किसी और से फिर नहीं जुड़ सकते। जब हमें ये विश्वास हो जाता है कि वो हमसे प्यार करता था लेकिन बस मजबूर होकर वो हमारा नहीं हो सका या हम उसके नहीं हो सके लेकिन तो क्या हुआ, किसी को पा लेना भर से ही प्यार पूरा नहीं होता।

आप जिससे प्यार करते हैं वो भले ही आपके साथ हो या ना हो वो आपसे प्यार करता है तो आपके जज्बात कहीं न कहीं उससे अपने-आप जुड़े रहते हैं। उसकी यादों को आप खुद से कभी अलग नहीं कर पाते।

अगर जो कोई भी इसे पढ़ रहा हो तो वो बताए कि मैं कहां तक सच लिख पाया हूं?