माउंट आबू जाने से पहले जान लें ये खास बातें

माउंट आबू, राजस्थान के रेगिस्तान में लहलहाता खलिहान। ये राजस्थान में एकमात्र हिलस्टेशन है जो बहुत खूबसूरत हैं। 
 
माउंट आबू जाने के लिए पहले आपको आबू रोड जाना होगा क्योंकि माउंट आबू जाने के लिए सीधा कोई ट्रांसपोर्ट नहीं है। आबू रोड आप ट्रैन या बस से जा सकते हैं। 
 
अगर आप दिल्ली से हैं या कहीं और से हैं तो आप अपनी जेब के मुताबिक खर्च करके आबू रोड पहुंच सकते हैं। सस्ते में निबटने के लिए आप किसी भी आबू रोड जाने वाली ट्रैन या बस में बैठ सकते हैं। 
 
ये आप पर निर्भर करता है कि आप जनरल डिब्बे में जाएंगे या एसी में। मैं आपको बताने जा रहा हूं कि आबू रोड से माउंट आबू तक पहुंचने, ठहरने और घूमने में आप कैसे पैसे बचा सकते हैं। 
 
आबू रोड जाने के लिए बस बहुत ही कम है। ट्रैन का सफर ज्यादा सही और सुरक्षित है। आबू रोड रेलवे स्टेशन पर पहुंचते ही आपका माउंट आबू का सफर शुरू हो जाता है। 
 
रेलवे स्टेशन से बाहर निकलते ही प्राइवेट टैक्सी वाले मिलते हैं। वे माउंट आबू पहुंचाने के लिए 700 से 1000 तक रेट बताते हैं। ठीक से बात करने पर उनमें से कई 500 या 600 तक भी मान जाते हैं।
 
अगर बजट कम है तो इन प्राइवेट टैक्सी वालों का बाय-बाय कहिए। स्टेशन से बाहर 50 मीटर चलने के बाद 10 रुपये सवारी वाले ऑटो मिलते हैं। 
 
इन ऑटो को जरिए सरकारी बस स्टैंड तक 5 मिनिट में पहुंच सकते हैं। वहां से माउंट आबू जाने के लिए 6 बजे तक बस मिल सकती हैं। ये बसें माउंट आबू पहुंचाने में केवल 40 से 45 मिनिट का समय लेती हैं। इनका किराया 40 रुपये सवारी होता है। लेडीज का 30 रुपये। 🙂
 
हरे-भरे घुमावदार पहाड़ी रास्तों से होते हुए आप माउंट आबू पहुंच जाते हैं। इन रास्तों पर सफर भी बहुत रोमांचकारी होता है। माउंट आबू बस स्टैंड के पास ही कई सारे होटल्स हैं।
 
ठीक-ठाक बजट वाला होटल ढूंढने के लिए मेहनत करनी पड़ सकती है। बजट कम है तो किसी एजेंट की बातों में न आएं। खुद जाकर होटल सर्च करें।    
 
ठीकठाक होटल  1000 से 1200 तक की रेंज में मिल सकता है। इससे कम में न लें तो ही बेहतर है। होटल शांति एक अच्छा ऑप्शन है। पुराने बने कमरे न लें। 
 
माउंट आबू में घूमने के लिए बहुत सी जगह है। एक दिन में ठीक से माउंट आबू घूमना थोड़ा मुश्किल हो सकता है। 
 
हां अगर मंदिर घूमना नहीं चाहते तो माउंट आबू एक दिन में घूमा जा सकता है। गुरु शिखर पर्वत, नक्की लेक, वेक्स म्यूजियम और सनसेट पॉइंट के अलावा घूमने के लिए कुछ नहीं है। 
 
माउंट आबू की सैर के लिए मोपेड, बाइक, बुलेट और प्राइवेट कार आसानी से मिल सकती हैं। स्कूटी 300 रुपये में, बाइक 500 रुपये में, बुलेट 800 रुपये में और प्राइवेट टैक्सी 1500 रुपये में।
 
अगर आप प्राइवेट टैक्सी करना चाहते हैं तो किसी एजेंट के जरिए न करें। होटल शांति के पास ही कई प्राइवेट टैक्सी वाले मिल सकते हैं। ये कार वाले भी आपसे 1500 रुपये चार्ज करने की बात कहेंगे लेकिन ठीक से बात करने पर 1200 रुपये में बात बन सकती है।
 
माउंट आबू से वापस आबू रोड आने के लिए लास्ट बस या टैक्सी शाम 8-9 बजे तक ही मिलेंगी। रात ज्यादा होने पर वापस आने के लिए जेब ढीली करनी पड़ सकती है। 
 
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क्या जानते हो प्यार के बारे में?

अक्सर हम सभी के साथ होता है। जब-जब ये सवाल कि क्या जानते हो प्यार के बारे में? सामने आता है हम उलझन में पड़ जाते हैं। समझ नहीं आता न कि इस सवाल का जवाब कैसे दिया जाए? दो लोग जब रिलेशनशिप में होते हैं तो वे कई सारी चीजें करते हैं जिससे एक-दूसरे को अहसास हो सके कि वे आपस में प्यार करते हैं।

फिर ये सवाल कैसे उठते हैं कि कैसा प्यार करते हो, कितना प्यार करते हो? ये प्यार में तोल-मोल का व्यापार कैसे होने लगता है? बड़ा मुश्किल हो जाता है किसी एक के लिए अपना प्यार साबित करते रहना और एक दिन वो थक जाता है।

तो दोस्तों मेरा कहना बस यही है कि अगर प्यार करो तो बस प्यार करो। फिर व्यापार मत करो। अगर सामने वाला गलत भी हो तो भी उससे प्यार करो जब तक कि आप थक नहीं जाते। यकीन मानिए जब आप थक जाएंगे अपना प्यार साबित करते-करते तो खुद ब खुद उस गलत इंसान के प्यार से अपने आप निकल जाएंगे।

एक बार जब आप गलत प्यार से निकल जाएंगे तो इस बार आप एक अनुभवी प्रेमी बनिए और एक ऐसा साथी ढूंढिए जिसे आप बहुत प्यार करें और वो आपको। लेकिन किसी को सबक सिखाना और किसी से बदला लेने की बात अपने मन में न रखें।

प्यार की इस राह में बहुत हर्ट हो जाओगे…

अगर आप एक एवरेज दिखने वाले इंसान हैं और चाहते हैं कि आप किसी से बेइंतहा प्यार करें और कोई बदले में आपको भी वैसा ही प्यार करें तो एक खूबसूरत चेहरे के पीछे कभी मत भागना दोस्त। उस लड़की के पीछे अपना टाइम और फीलिंग्स बर्बाद मत करना। Continue reading “प्यार की इस राह में बहुत हर्ट हो जाओगे…”

मेरी बेचैनी की वजह मुझे पता नहीं!

मेरे सामने तेजी से गुजरती धड़ा धड़ गाड़ियां… मैं एक पुल के फूटपाथ पर बैठा उन गाड़ियों को आते जाते देख रहा हूँ।मैं सोच रहा हूँ… आता जाता समय। मेरे जीवन का बीता समय और आने वाला समय। Continue reading “मेरी बेचैनी की वजह मुझे पता नहीं!”