दुख आपको ऊपर वाले के नज़दीक लाता है लेकिन दुनिया से…

दिल धड़कने दो, क्यों रोकते हो धड़कने से, क्या आवाज करता है। कोई सुनता भी है इस दिल की आवाज। अजीब कश्मकश है न। कि हम दिल धड़कने भी नहीं देते और चाहते हैं कि कोई हमारी दिल की धड़कनों को सुने भी। Continue reading “दुख आपको ऊपर वाले के नज़दीक लाता है लेकिन दुनिया से…”

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पााकिस्तान के मंसूबे नापाक, भारत-पाक वार्ता फिर टली

भारत-पाक सचिव वार्ता एक बार फिर खामोशी की भेंट चढ़ गई। पठानकोट हमले में पाक के बर्ताव को लेकर हिंदुस्तान संतुष्ट नहीं हुआ। अब ये वार्ता जनवरी के अंत मे या फरवरी माह के शुरूआत में संभव हो सकती है। वार्ता के विफल होने के पीछे कुछ ठोस कारण जान पड़ते हैं- Continue reading “पााकिस्तान के मंसूबे नापाक, भारत-पाक वार्ता फिर टली”

भारत ने पाक को सौंपी पठानकोट हमले के दोषियों की लिस्ट

पठानकोट हमला भारत के लिए किसी बुरे सपने से कम नहीं है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अचानक वाली पाकिस्तान यात्रा का अचानक वाला परिणाम सामने आएगा किसी ने कल्पना भी नहीं होगी। भारत ने सभी दोषियों की नाम की लिस्ट पाकिस्तान को सौंप दी है अब देखना ये होगा कि पाकिस्तान कैसा कदम उठाता है। ये कदम ही भारत-पाक संबंधों का सफर तय करेगा। Continue reading “भारत ने पाक को सौंपी पठानकोट हमले के दोषियों की लिस्ट”

320 दिनों में 300 से ज्यादा आतंकवादी घटनाएं, हजारों की मौत

पेरिस हमलों की एक बानगी सारे जहां ने देखी, दुनिया के हर चैनल ने इसे प्रमुखता से दिखाया। सभी लोगों को मानो आतंकवाद से नफरत हो गई। लेकिन पेरिस पर हुआ हमला आतंकवाद का कोई एक उदाहरण नहीं है। आज तकरीबन 60 ऐसे देश हैं जो आतंकवाद से सीधेतौर पर हमले झेल रहे हैं, और लगभग सारी दुनिया इससे प्रभावित हो रही है। Continue reading “320 दिनों में 300 से ज्यादा आतंकवादी घटनाएं, हजारों की मौत”

एनोनिमस (Anonymous) भी उतरा आतंकवाद के खिलाफ

दुनिया के लिए पहेली बने एनोनिमस समूह ने भी अब ईस्लामिक स्टेट के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। 13 नवंबर को फ्रांस पर अटैक के बाद समूह ने एक वीडियो के माध्यम से संदेश दिया कि एनोनिमस भी अब आतंकवाद के खिलाफ है और वह ईस्लामिक स्टेट पर साइबर अटैक करेगा। Continue reading “एनोनिमस (Anonymous) भी उतरा आतंकवाद के खिलाफ”

आतंकवादी हक्कानी का अंत पर नाम अनंता

एक साल पहले मर चुके हक्कानी नेटवर्क के प्रमुख सरगना जलालुद्दीन हक्कानी की मौत पर जलालुद्दीन हक्कानीअभी भी असमंजस बना हुआ है। पाकिस्तानी खुफिया की तंत्र की माने तो हक्कानी का अंत हो चुका है, लेकिन वहीं तालिबान के प्रवक्ता ज़बिउल्लाह मुजाहिद के मुताबिक हक्कानी अभी भी जिंदा है और बीमार है।

यह किस्सा अफगान तालिबानी सरगना मुल्लाह मोहम्मद ओमार की दो साल पहले हो चुकी मौत को भी को छिपाया गया था। अक्सर सुनने में आता है कि फलाना आतंकवादी मर गया है, ढिकाना मर गया। कुछ समय बाद वो प्रकट हो जाता है।

इस बारे में एक फिल्म तेरे बिन लादेन की याद आती है, कि किस तरह सरगना के नकाब के पीछे पूरा नेटवर्क काम करता है। एक 6 बाइ 6 के अंधेरे कमरे में से एक टेप जारी होता है। और दुनिया में कहीं भी घटना को अंजाम देने की चेतावनी दी जाती है।

हक्कानी नेटवर्क के बारे में कुछ जानकारी

  • हक्कानी नेटवर्क की शुरूआत लगभग एक दशक पहले जलालुद्दीन हक्कानी ने की थी। ये नेटवर्क अमेरिका में अपहरण और आत्मघाती हमलों को अंजाम देने के लिए जिम्मेदार है। 2012 में अमेरिका ने इस नेटवर्क को आतंकवादी घोषित किया।
  • ये नेटवर्क पाकिस्तान और अफगानिस्तान के समीपवर्ती इलाके, वजिरिस्तान से ऑपरेट करता है। ये तालिबान और अलकायदा से जुड़ा है।
  • हक्कानी का बेटा सिराजुद्दीन हक्कानी आतंकवादी ग्रुप अफगान तालिबान का डिप्टी चीफ है।