किसी से प्यार क्यूं हो जाता है?

ऐसा नहीं है कि हमें जीवन में बस एक बार ही किसी से प्यार होता है। हमें कई बार प्यार होता है। पहले प्यार के बाद हम टूट जाते हैं कभी-कभी बहुत ज्यादा टूट जाते हैं। कुछ भी अच्छा नहीं लगता, किसी काम में मन नहीं लगता। दुनिया बेगानी से लगने लगती है।

परिवार की बातें चुभने लगती हैं। जब दोस्तों के साथ मन बहलाने के लिए बाहर निकलो तो भी मन बस खोया-खोया सा रहता है। लाख जतन करने के बाद भी दुखी मन को तसल्ली नहीं मिलती। प्यार अगर किसी वजह से हो तो समझ में भी आता है कि चलो वो वजह खत्म तो प्यार खत्म लेकिन जब कोई वजह ही नहीं हो प्यार खत्म होने में बहुत टाइम लगता है या फिर पहला प्यार कभी खत्म नहीं होता वो कहीं न कहीं हमारे दिल के किसी कोने में बेहोश पड़ा रहता है।

ये बात वाकई जानने वाली है कि हमें किसी से प्यार क्यूं हो जाता है, क्यूं कोई हमारे दिल और दिमाग पर चौबीस घंटे छाया रहता है? दिल सिर्फ उससे मिलने की दुआं करता रहता है और दिमाग में बस उससे बात करने और मिलने की तरकीबें चलती रहती हैं।

प्यार करने की सभी की अपनी-अपनी वजहें हो सकती हैं। जैसे कोई सिर्फ सेक्स के लिए प्यार करता है, कोई किसी को सिर्फ अपना बना लेने के लिए, शादी करने के लिए। उसके साथ जीवन भर रहने के लिए। उसकी खुशी के लिए। उसके दुख मिटाने के लिए। उसके लिए कुछ भी करने के लिए। बहुत सारी वजह हो सकती हैं।

हम बहुत सारी फिल्मों में भी देखते हैं कि प्यारी किस वजह से होता है। किसी को लड़की की सूरत अच्छी लगती है तो किसी को सीरत। कोई लड़की के लिए कुछ भी करने को तैयार रहता है तो कोई बस हालत के सामने घुटने टेक देता है।

मान के चलते हैं कि आप किसी से अभी प्यार करते हैं और उसके लिए कुछ भी करने को तैयार है, कुछ भी। लेकिन क्या पता कल को वो प्यार आपके साथ रहे या न रहे। आप अब ये मत समझ लेना कि आप दुनिया को उससे छीन लोगे, उसके लिए दुनिया में आग लगा दोगे अगर वो न मिली तो।

बस ये याद रखना कि श्रीकृष्ण भगवान थे वे जिस राधा से प्यार करते थे उसे पा न सके। लेकिन उनका प्यार आज भी अमर है। क्यूंकि अगर पा लेना ही प्रेम होता तो शायद उनका प्रेम इतना फेमस नहीं होता। वे भी आम इंसान की तरह विरह में रोए, तड़पे हैं और वियोग सहा है।

उनके प्रेम की वजह हो या न रही हो इस बात का तो कोई भी पता नहीं लगा सकता है लेकिन एक बात समझ में आती है कि वे इस संसार को ऐसे प्रेम का संदेश देने आए थे जिससे इंसान ये समझ सकें कि श्रीकृष्ण का प्रेम राधा के लिए और मीरा का श्रीकृष्ण के लिए प्रेम अमर है। वो प्रेम का साकरा रूप है।

आखिर में यहीं कहूंगा मेरे दोस्त कि अगर किसी से प्रेम हो तो बिना किसी वजह के हो। अगर वो प्यार तुम्हारे साथ कल हो न हो तो भी उसके लिए अच्छा सोचना और खुद से प्रेम करते रहना लेकिन कभी स्वार्थी न हो जाना। प्रेम कोई वजह नहीं होगी तो किसी बात का मलाल नहीं रहेगा। केवल प्रेम ही रहेगा।

क्या जानते हो प्यार के बारे में?

अक्सर हम सभी के साथ होता है। जब-जब ये सवाल कि क्या जानते हो प्यार के बारे में? सामने आता है हम उलझन में पड़ जाते हैं। समझ नहीं आता न कि इस सवाल का जवाब कैसे दिया जाए? दो लोग जब रिलेशनशिप में होते हैं तो वे कई सारी चीजें करते हैं जिससे एक-दूसरे को अहसास हो सके कि वे आपस में प्यार करते हैं।

फिर ये सवाल कैसे उठते हैं कि कैसा प्यार करते हो, कितना प्यार करते हो? ये प्यार में तोल-मोल का व्यापार कैसे होने लगता है? बड़ा मुश्किल हो जाता है किसी एक के लिए अपना प्यार साबित करते रहना और एक दिन वो थक जाता है।

तो दोस्तों मेरा कहना बस यही है कि अगर प्यार करो तो बस प्यार करो। फिर व्यापार मत करो। अगर सामने वाला गलत भी हो तो भी उससे प्यार करो जब तक कि आप थक नहीं जाते। यकीन मानिए जब आप थक जाएंगे अपना प्यार साबित करते-करते तो खुद ब खुद उस गलत इंसान के प्यार से अपने आप निकल जाएंगे।

एक बार जब आप गलत प्यार से निकल जाएंगे तो इस बार आप एक अनुभवी प्रेमी बनिए और एक ऐसा साथी ढूंढिए जिसे आप बहुत प्यार करें और वो आपको। लेकिन किसी को सबक सिखाना और किसी से बदला लेने की बात अपने मन में न रखें।